• 07 Mar, 2026

नक्सलियों का उत्पात, ट्रैक उड़ा दी, 13 ट्रेनें रद्द ...

नक्सलियों का उत्पात, ट्रैक उड़ा दी, 13 ट्रेनें रद्द ...

● बंद के दौरान बस्तर में जनजीवन रहा प्रभावित... ● आवागमन रहा बंद, थमे रहे यात्री बसों के पहिये.. ● चक्रधरपुर डिविजन में वारदात, हावड़ा-मुंबई मार्ग पर सेवाएं बाधित ● नक्सलियों ने लकड़ी और पर्चे डाल मार्ग किया अवरुध्द.. ● टैक्सी -आटो और मालवाहकों से सफर करने विवश हुए यात्री..

रायपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और  नारायणपुर से।   झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में प्रतिबंधित भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (  मावोवादी ) के सदस्यों ने रेल पटरियों के एक हिस्से को विस्फोट से उड़ा दिया जिससे हावड़ा-मुंबई मार्ग पर रेल सेवाएं बाधित हो गईं। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि करीब दो से तीन मीटर तक की पटरी क्षतिग्रस्त हो गई। इसके कारण कम से कम 13 ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं और एक ट्रेन का मार्ग बदल दिया गया है। 
   
      उल्लेखनीय है कि प्रतिबंधित संगठन 16 दिसंबर से विरोध सप्ताह मना रहा है। इसके साथ ही इस संगठन ने शुक्रवार 22 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया था। बस्तर में इसके साथ ही दो दिनों से चल रही नक्सली हिंसा से उक्त क्षेत्र में बहुत दहशत रही है।  दिन ढलने के बाद बस्तर के अंदरूनी इलाकों में यात्री बसों के अलावा सामान्य वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित रही। माओवादियो द्वारा 22 दिसंबर भारत बंद के आह्वान का मिलाजुला असर इसी दिन पूरे बस्तर संभाग में देखने को मिला। 

  बस्तर संभाग के सुकमा,दंतेवाड़ा, बीजापुर और नारायणपुर जिले में नक्सली आह्वान के चलते दहशत का माहौल रहा। उल्लेखनीय है कि  प्रदेश में सरकार बदलने के बाद से एक बार फिर नक्सली गतिविधियां तेज हो गईं हैं। दो वर्ष बाद इस तरह का माहौल नक्सल प्रभावित क्षेत्र में देखने मिल रहा है।

  • नारायणपुर में थमे रहे वाहनों के पहियेः-

नारायणपुर जिले में भी नक्सली बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बस स्टेंड में घंटों सैकड़ों यात्री, बसों का इंतजार करते देखे गए। यहां से कोंडागांव,अंतागढ़,ओरछा और सोनपुर मार्ग पर यात्री बसों के पहिये थमे रहे। यही वह जगह थी जहां नक्सलियों ने बुधवार 20 दिसंबर को पेड़ काटकर और सड़क खोद कर मार्ग बंद कर दिया था। नक्सलियों के उत्पात से इलाके में दहशत का माहौल है। 

नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के दौरान प्रेशर बम विस्फोट, जवान घायल...

बीजापुर जिले में 22 दिसंबर शुक्रवार को नक्सलियों द्वारा लगाये गए प्रेशर बम में विस्फोट होने से जिला रिजर्व गार्ड( जीआरजी) का एक जवान घायल हो गया।  बताया गया कि मुठभेड़ के दौरान जीआरजी जवान सुरेश मिच्चा का पैर प्रेशर बम पर पड़ गया जिससे विस्फोट होने से उसके पैर में गंभीर चोट आई है। यह घटना दोपहर साढ़े तीन बजे जोंगला थाना क्षेत्र में पोटेनार गांव के पास जंगल के सुरक्षा कर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ के दौरान हुई। जवान के बारे में बताया गया कि वह बाल-बाल बचा । उसकी हालत अभी खतरे से बाहर बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक गोलीबारी में दो से तीन नक्सली भी गोली लगने से घायल हो गए हैं लेकिन घायल नक्सलियों को उनके साथी जंगल में खींच ले जाने में कामयाब रहे। 

 नई सरकार बनते ही माओवादी हो गए आक्रामक-

छत्तीसगढ़ में नई सरकार बनते ही माओवादी एक बार फिर आक्रामक रुख अख्तियार कर रहे हैं। वे  पिछले कुछ दिनों से दक्षिण बस्तर में लगातार नक्सली घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। सुकमा जिले में ढाई साल के बाद ऐसे हालात बने हैं। आमतौर पर नक्सली बंद के दौरान आवागमन पर इस तरह असर नहीं पड़ा लेकिन 22 दिसंबर को माओवादियों द्वारा बुलाए गए बंद का असर आम जीवन पर भी पड़ा जो पहले नहीं होता था। नक्सलियों ने बंद को सफल बनाने राहगीरों से मारपीट भी की। लंबे अंतराल के बाद वाहनों में आगजनी की घटना के बाद लोगों में दहशत का महौल देखने को मिल रहा है। इससे दो साल पहले नक्सलियों मे एर्राबोर के पास नेशनल हाइवे पर आगजनी की घटना को अंजाम दिया था।