कार जो सड़क पर फर्राट भरती और नदी में तैरती है..
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श्रीनिवास राव 49 साल को पुलिस ने विशाखापट्ट्नम में पकड़ा
मुंबई। जब से कैशलेस ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल बढ़ा है बैंक से साइबर अपराध करने वालों के तो जैसे पौ बारह हो गए हैं। इधर पिछले दिनों एक दिन में तीन से पांच करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मुंबई पुलिस ने गिरोह के सरगना श्रीनिवास राव डाडी को अंततः थोड़ी मशक्कत के बाद विशाखापट्टनम से गिरफ्तार कर लिया। 49 साल का डाडी वैसे तो 12 वीं तक की ही तालीम ली है पर वह तकनीक के मामले में उस्ताद है।
डाडी और उसके गिरोह के लोग पिछले चार पांच साल से अपने आप को पुलिस के लोग बताकर देशभर में लोगों से साइबर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि इनका निशाना आम तौर पर महिलाएं ही होती थीं और ये रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदल कर चीन के नागरिकों को भेजते थे। डाडी को दो और साथियों को पुलिस ने धर दबोचा है जिनमें से दो ठाणें महाराष्ट्र के और दो कोलकाता के रहने वाले हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि डाडी विशाखापट्टनम के एक पांच सितारा होटल में ठहरा हुआ है। सूचना के बाद उसे गिरफ्तार करने के लिए ट्रैप बिछाया फिर पुलिस उसे पकड़ कर मुंबई ले आई। इसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्यों महेन्द्र रोकड़े और महेश दीव को तिलवाल और संजय मंडल व अनिमेष वैद को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया। श्रीनिवास रियल स्टेट के काम की आड़ में साइबर क्राइम करता था। उसने बताया कि वह सिर्फ टेलीग्राम एप के जरिए ही बात करता था।
| कुरियर के नाम पर लगाते थे लोगों को चपत | खाकी वर्दी और फर्जी आईडी से देते थे धोखा | 40 बैंक खाते फ्रीज, डेढ़ करोड़ जब्त |
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| ये गिरोह खुद को पुलिस कर्मी बता कर विशेष रूप से महिलाओं को ही अपनी निशाना बनाता था। श्रीनिवास ने गिरफ्तारी के बाद बताया कि उसके गिरोह के लोग महिलाओं को ही कॉल करते थे उनके नाम से भेजे गए कुरियर में हथियार या मादक पदार्थ मिले हैं। इसकी जांच के लिए वे उनके बैंक खाते या आयकर संबंधी विवरण मांगते थे। ज्यादातर कॉल्स फोन पर स्कइप या व्हाट्सअप पर आते थे और लोग उनसे डर कर बैंक खाते या आयकर संबंधी विवरण साझा कर देते थे। यही नहीं पीड़ित तो वन टाइम पासवर्ड भी उनसे साझा कर देते थे, बस इतनी सी बात की देर होती थी कि जालसाज पीड़ित के खातों से रुपये उड़ा लेते थे। कई मामले में ये लोग एनीडेस्क एव डाउनलोड करने को कहते थे। | स्काइप व व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल में गिरोह के सदस्य खाकी वर्दी और फर्जी आईडी लहराकर सामने वाले को यकीन दिलाते थे कि वे पुलिस वाले हैं। इसके बाद वे उनसे सारी डिटेल्स ले लेते थे एक बार उनको यकीन हो जाता कि लोग उनकी बातों में आ गए हैं तो उन्हें डरा कर उनकी रकम उड़ा देते थे। इन लोगों ने विभिन्न शहरों में कोई 50 से भी ज्यादा वरिष्ठ पुलिस वालों के नाम पर नकली पहचान पत्र बनवाए हुए थे। गिरोह का नेटवर्क कई और शहरों में फैले होने की आशंका जताई गई है। | अजय कुमार बंसल मुंबई पुलिस उपायुक्त (जोन-11) ने बताया कि श्रीनिवास के 40 बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं। इसके अलावा उसके पास से डेढ़ करोड़ रुपये नगद बरामद किए गए हैं। डाडी ने अपनी पत्नी के खाते में 25 लाख रुपये डाले थे। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या उसका पूरा परिवार भी इसी काम में लिप्त रहा है। |
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