• 07 Mar, 2026

छत्तीसगढ़ में गांजे का इस्तेमाल राष्ट्रीय औसत से दोगुनाः गृहमंत्री शाह

छत्तीसगढ़ में गांजे का इस्तेमाल राष्ट्रीय औसत से दोगुनाः गृहमंत्री शाह

■ केन्द्रीय मंत्री ने जताई चिंता, रायपुर में नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का जोनल ऑफिस ■ मंत्री शाह ने किया ऑन लाइन उद्घाटन, छग में मादक द्रव्यों पर समीक्षा बैठक ■ मोदी सरकार हर राज्य में खोलेगी एनसीबी कार्यालय, राज्यों की मदद से नशे का कारोबार खत्म किया जाएगा ■ ड्रग्स मामलों की जांच में वैज्ञानिक तरीकों का हो इस्तेमाल

रायपुर ।  केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह रविवार  25 अगस्त को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शाममल होने नई दिल्ली से राजधानी रायपुर पहुंचे थे। मंत्री शाह ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो(एनसीबी)  के आंचलिक  इकाई कार्यालय का ऑन लाइन उद्घाटन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में मादक द्रव्यो के परिदृश्य पर समीक्षा बैठक

की अध्यक्षता भी की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सेडेटिव्स ( प्रमादक दवाओ) के उपयोग का प्रतिशत 1.45 है जो राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। इसी तरह गांजा की खपत भी प्रदेश में ज्यादा है , यहां गांजे का उपयोग 4.98 प्रतिशत है जो राष्ट्रीय

औसत 2.83 प्रतिशत से दोगुने से कही अधिक है।

उन्होंने ड्रग्स की तस्करी के जांच के मामले में भी वैज्ञानिक तरीके के इस्तेमाल पर जोर दिया। इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केन्द्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय व उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद थे।

केन्द्रीय मंत्री शाह ने कहा कि हमें टॉप टू बॉटम और बॉटम टू टॉप एप्रोच के साथ काम कर नशे के पूरे कारोबार को उसके पूरे नेटवर्क को रूथलेस तरीके से ध्वस्त करने की जरूरत है। जब तक हम पूरे नेटवर्क पर प्रहार नहीं करेंगे तब तक नशामुक्त भारत के लक्ष्य को हम प्राप्त नही कर सकेंगे। आज ड्रग ट्रेफिंकिंग का ट्रेंड बदल रहा है और यह नेचुरल से सिंथेटिक ड्रग्स की ओर बढ़ रहा है।

श्री शाह ने इस मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 2047 में भारत की आजादी के शताब्दी वर्ष मे नशा मुक्त देश का संकल्प अब हर देसवासी का संकल्प बनता जा रहा है। नशामुक्त भारत का संकल्प एक समृध्द, सुरक्षित और वैभवशाली भारत के निर्माण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा ड्रग्स केवल भारत की नहीं बल्कि एक वैश्विक समस्या है।

  • वित्तीय जांच के लिए केन्द्र की मदद

श्री शाह ने नार्कोकोआर्डिनेशन  मैकेनिज्म के तहत सभी चार स्तर पर नियमित बैठकें करने व मानस पोर्टल का उपयोग करने पर बल दिया।उन्होंने राज्यों से कहा कि वे ड्रग्स के मामलों में वित्तीय जांच के लिए भारत सरकार  की एजेंसियों की मदद ले सकते हैं। मंत्री शाह ने कहा कि ड्रग्स के सारे नेटवर्क को खत्म करने के लिए अंतरराज्यीय मामलों को एनसीबी को सौंपना चाहिए।