अब महाराष्ट्र-झारखंड में चुनावी सरगर्मियां तेज..
■ भाजपा ने दोनों राज्यों में लगाई सौगातों -वादों की झड़ी ■ विपक्षी खेमा भी सक्रिय हुआ ■ इन दोनों राज्यों में चुनाव नवंबर में होने की चर्चा
● विधायक पद से इस्तीफा देना है या सांसद से मैं तय करुंगा ● समय से पहले और किस्मत से ज्यादा किसी को कुछ नहीं मिलता
रायपुर। रायपुर लोकसभा के नवनिर्वाचित भाजपा सांसद और राज्य के वरिष्ठतम और लोकप्रिय समझे जाने वाले कैबिनेट मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने पिछले दिनों एक चर्चित बयान दिया है। उन्होंने उक्त बयान एक यू ट्यूब चैनल पर दिया था। उन्होंने पत्रकार के सवाल पर कहा कि वे संविधान के हिसाब से राज्य के मंत्री पद पर छह महीने रह सकते हैं। और यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद 14 दिनों के भीतर तो विधायक के पद से इस्तीफा देना है। वे अब इस बारे में जल्दी ही निर्णय करेंगे कि विधायक के पद से इस्तीफा देना है या सांसद के पद से। मंत्रीपद के मामले में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्री बनाया है वे जिस दिन कह देंगे उस दिन इस्तीफा दे दूंगा। मौजूदा राजनीतिक हालात में श्री अग्रवाल के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि श्री अग्रवाल का यह बयान सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। कहा जा रहा है और कहा ही नहीं देखा भी जा रहा है कि श्री अग्रवाल के समर्थकों में इस बात को लेकर बहुत नाराजगी है कि 5 लाख 75 हजार मतों के भारी अंतर से जीतने के बाद भी उन्हें केन्द्र में मंत्री नहीं बनाया गया है। यू ट्यूब के साक्षात्कार में लिए गए सवाल भी इसी के आसपास है। उन्होंने सभी सवालों के जवाब नपे तुले और कूटनीतिक जवाब की तरह सध हुए ही थे। उन्होंने विशेष रुप से एक सवाल के जवाब में यह साफ किया कि उनके राजनीतिक विराम की बातें कोरी कल्पना ही है। कहा अभी तक राज्य की राजनीति में थे अब केन्द्र की राजनीति में रहेंगे।
श्री अग्रवाल ने कहा कि पहले एक विधानसभा क्षेत्र के विधायक थे लेकिन काम पूरे छत्तीसगढ़ के लिए करते थे अब तो रायपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत 9 विधानसभा क्षेत्र से सांसद हैं। अब पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि एक विधायक को पूरे छत्तीसगढ़ की चिंता करने , सवाल उठाने, पत्र लिखने, जवाब मांगने काम करने का अधिकार होता है। अब वे देश के संसद के सदस्य हैं। राज्य के अधिकार तो हैं ही अब पूरे देश के अधिकार प्राप्त हो गए हैं। वैसे तो एक सामान्या नागरिक को भी जानकारी प्राप्त करने , देश के समस्याओं के बारे में बोलने का अधिकार है।
अभी राजनीति समाप्त नहीं हुई, भविष्य लंबा है बृजमोहन अग्रवाल ने उन्हें केन्द्र में मंत्री नहीं बनाए जाने और समर्थकों में मायूसी के सवाल पर कहा कि समर्थकों के आधार पर न तो टिकिट मिलती है न ही पद मिलता है। आपकी योग्यता, काम और अनुभव के आधार पर शीर्ष नेतृत्व जिम्मेदारी देता है। उन्हें तो इतना कुछ मिला है कि वे आठ बार के विधायक बन चुके हैं। पांच बार के मंत्री रह चुके हैं , नौवीं बार सांसद बन गए हैं। और अभी उनकी राजनीति समाप्त नहीं हुई भविष्य लंबा है। इसलिए उनकी चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि पद तो आने-जाने वाली चीज है। परंतु जनता का स्नेह, प्यार, लगाव, अपनत्व, कार्यकर्ताओं का जोश और जुनून कभी समाप्त नहीं होता। इसलिए वे इसी पर विश्वास करते हैं। पद प्रतिष्ठा पर बहुत ज्यादा विश्वास नहीं करते। जब वे पांच साल विपक्ष में रहे इससे पहले भी सात साल विपक्ष में रहे थे तब भी वैसा ही काम करते रहे जैसा वे आज |
■ भाजपा ने दोनों राज्यों में लगाई सौगातों -वादों की झड़ी ■ विपक्षी खेमा भी सक्रिय हुआ ■ इन दोनों राज्यों में चुनाव नवंबर में होने की चर्चा
हम एक धर्म निरपेक्ष देश हैं । हमारे निर्देश सभी के लिए होंगे। चाहे वे किसी धर्म या व्यवसाय के हों। अगर सड़क के बीच में कोई धार्मिक संरचना है फिर वह गुरूद्वारा हो, दरगाह या फिर मंदिर, तो उसे हटाना ही पड़ेगा। यह जनता के आवागमन में बाधा नहीं डाल सकती। साथ ही अवैध निर्माण तोड़ने से पहले पर्याप्त समय देना चाहिए। महिलाओं और बच्चों को सड़क पर देखना अच्छा नहीं । - जस्टिस बी.आर. गवई
हम एक धर्म निरपेक्ष देश हैं । हमारे निर्देश सभी के लिए होंगे। चाहे वे किसी धर्म या व्यवसाय के हों। अगर सड़क के बीच में कोई धार्मिक संरचना है फिर वह गुरूद्वारा हो, दरगाह या फिर मंदिर, तो उसे हटाना ही पड़ेगा। यह जनता के आवागमन में बाधा नहीं डाल सकती। साथ ही अवैध निर्माण तोड़ने से पहले पर्याप्त समय देना चाहिए। महिलाओं और बच्चों को सड़क पर देखना अच्छा नहीं । - जस्टिस बी.आर. गवई
■ हमारे साझा सरोकार "निरंतर पहल" एक गम्भीर विमर्श की राष्ट्रीय मासिक पत्रिका है जो युवा चेतना और लोकजागरण के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती और रोजगार इसके चार प्रमुख विषय हैं। इसके अलावा राजनीति, आर्थिकी, कला साहित्य और खेल - मनोरंजन इस पत्रिका अतिरिक्त आकर्षण हैं। पर्यावरण जैसा नाजुक और वैश्विक सरोकार इसकी प्रमुख प्रथमिकताओं में शामिल है। सुदीर्ध अनुभव वाले संपादकीय सहयोगियों के संपादन में पत्रिका बेहतर प्रतिसाद के साथ उत्तरोत्तर प्रगति के सोपान तय कर रही है। छह महीने की इस शिशु पत्रिका का अत्यंत सुरुचिपूर्ण वेब पोर्टल: "निरंतर पहल डॉट इन "सुधी पाठको को सौपते हुए अत्यंत खुशी हो रही है। संपादक समीर दीवान
Address
Raipur
Phone
+(91) 9893260359