• 07 Mar, 2026

सार-समाचार जुलाई 2024

सार-समाचार जुलाई 2024

(1) 128 साल पुरानी बीमारी का टीका खोजा

नई दिल्ली। देश के समर्थ वैज्ञानिक 128 साल पुरानी बीमारी का तोड़ निकालने में सफल हुए हैं। पिछले कई वर्षों से चल रहे शोध के बाद वैज्ञानिकों ने शिगोला बैक्टीरिया से लड़ने वाला पहला स्वदेशी टीका विकसित करने में सफलता पाई है। यह टीका बैक्टीरिया के 16 उप स्वरूपों के लिए भी असरकारक है।  बताया गया कि पोलियो की तरह इसकी खुराक भी मुंह से ही दी जा सकती है। 

नई दिल्ली भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद( आईसीएमआर) ने जानकारी दी है कि भारत में कई वर्षों से नवजात शिशुओं में शिगेलोसिस संक्रमण का खतरा बना हुआ है जो शिगेला बैक्टिरिया की वजह से होता है। दुनिया में पहली बार 1896 में इस बीमारी की पहचान जापान के माइक्रोबायोलाजिस्ट कियोशी शिगा ने की थी जिसके चलते इसे शिगेला नाम मिला। यह रोटा वायरस के बाद दूसरा और पांच वर्ष से कम के बच्चों में मृत्यु का तीसरा मुख्य कारण है। यह संक्रमण दूषित भोजन  या पानी पीने से हो सकता है। आईसीएमआर के कोलकाता स्थित जीवाणु संक्रमण अनुसंधान संस्थान की टीम पिछले कई साल से बीमारी के टीका की खोज में जुटी हुई थी जिमसे अब सफलता हासिल हुई है।  फिलवक्त आईसीएमआर ने इस टीका के व्यावसायिक उत्पादन के लिए देश के निजी कंपनियों से प्रस्ताव मांगा है।

  • अब तक सभी परीक्षण सफल रहे--  आईसीएमआर ने बताया इस टीका पर अब तक अलग-अलग चरण में कई परीक्षण किये गए जिनमें टीका न सिर्फ सुरक्षित बल्कि संक्रमण के खिलाफ पर्याप्त एंटी बाडी विकसित करने में सक्षम मिला। शिगेला और एंटीजन और पशु क्रास सुरक्षा अध्ययन के विश्लेषण से पता चला है कि समूह प्रतिजन की वजह से यह टीका शिगेला बैक्टीरिया के अन्य स्टीरियो टाइप के खिलाफ भी क क्रास सुरक्षा भी प्रदान करता है।

(2) केरल में अमीबा का चौथा मरीज, केन्द्र की चेतावनी, नदी-तालाबों से दूर रहें

नई दिल्ली। देश के दक्षिणी हिस्से में दिमाग को संक्रमित करने वाले अमीबा का बहुत जबरदस्त प्रकोप है। केरल में एक और बच्चा दिमाग खाने वाले अमीबा की चपेट में आ गया है।  शनिवार 6 जुलाई को पयोली जिले के एक निजी अस्पताल में भर्ती किए गए 14 साल के बच्चे की जांच रिपोर्ट में इस घातक अमीबा के संक्रमण का पता चला है।  इसका पता चलते ही देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र( एनसीडीसी) राज्यों को अलर्ट पर रहने के निर्देश देते हुए लोगों को और खास तौर से बच्चों को नदी और तालाबों से दूर रहने की चेतावनी दी है। जारी पत्र में एनसीडीसी ने बताया कि केरल के राज्य स्वास्थ्य विभाग से बैठक  के बाद यह पाया गया है कि दिमाग खाने वाला अमीबा संक्रमण बरसात के समय तेजी से प्रसारित हो सकता है। 

    बताया गया है कि उक्त अमीबा मिट्टी में पाया जाता है और बारिश के पानी के साथ यह नदी और तालाबों में जा सकता है और ऐसा होने पर यह अमीबा इंसानों के शरीर में भी आसानी से पहुंच सकता है। इसलिये भी यह जरूरी है कि गांवों और कस्बों में इसे लेकर जागरूकता पर काम किया जाए। इसमें स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। एनसीडीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीमारी को अमीबिक मेनिंगोएनसेफिलाइटिस (पीएमए) नाम से जानते हैं जो नेगलेरिया फाउलेरी नामक अमीबा की वजह से होता है।  यह बहुत  जोखिम भरी बीमारी है जो महज चार से 14 या 18 दिनों में मरीज की जान ले सकती है। इसकी मृत्यु दर 98 प्रतिशत है इसका मतलब है कि 100 संक्रमितों में से 98 की मौत हो जाती है। 

  अगर कोरोना या टीबी संक्रमण की मृत्यु दर से इसकी तुलना की जाए तो यह क्रमशः 97 और 10 गुना ज्यादा है। इससे साफ पता चलता है कि राज्यों का समय पर एक्शन में आना जरूरी है।

(3) बारिश का कहर, अमरनाथ यात्रा रुकी बद्रीनाथ हाईवे बंद, बिहार में 9 की मौत

नई दिल्ली, श्रीनगर व रुद्रप्रयाग।  मानसून की शुरुआत में ही पहाड़ों पर जीवन बहुत बुरी तरह प्रभावित हुआ है।  जम्मू-कश्मीर में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण अमरनाथ की यात्रा रोकनी पड़ी है। उत्तराखंड में भी मूसलाधार बारिश के कारण बद्रीनाथ और गौरीकुंड नेशनल हाइवे पर जगह जगह हुए भूस्खलन के कारण वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। चमोली जिले में मलबे के नीचे दब कर आंध्रप्रदेश के दो सैलानियों की मौत होने की खबर है। इसी समय बिहार में वज्राधात से 9 लोगों की मौत हो गई है। वहीं हर बार की तरह बारिश के शुरुआत में ही असम में स्थित विकराल हो गई है। असम में 24.25 लाख लोग बारिश के कारण जलप्लावन से प्रभावित हुए हैं।

      जुलाई का महीना शुरू होते ही हिमाचल की 62 और उत्तराखंड की लगभग 100 सड़कें  यातायात के लिए खतरा भांपते हुए बंद कर दी गई हैं। पहले हफ्ते के खत्म होने के पहले ही कश्मीर के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। कश्मीर के बालटाल और दक्षिणी हिस्से पहलगांम यात्रा मार्ग पर रुक रुक भारी बारिश होने की खबर दी गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती उपाय के रूप में यात्रा अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। 

   गृहमंत्री अमित शाह ने असम के सीएम हिमंत विस्व सरमा से भी बात कर बाढ़ और बारिश के चलते बिगड़े हालात की जानकारी ली। शाह ने असम के प्रभावित लोगों को यह भी आश्वासन दिया राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ( एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल ( एसडीआरएफ) युध्द स्तर पर काम कर रहे हैं, राहत का काम चल रहा है  और पीड़ितों का बचाव का काम युध्द स्तर पर हो रहा है। 

(4) महिला से पुरुष बने अफसर के नए नाम पर केन्द्र की मुहर- 2013 बैच की आईआरएस अधिकारी एम अनुसुया ने किया था अनुरोध

नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय के एक ऐतिहासिक फैसले में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) की एक वरिष्ठ महिला अधिकारी ने सभी आधिकारिक अभिलेखों में नाम  और लिंग बदलने की अनुमति दे दी गई है। 2013 बैच की आईआरएस अफसर एम अनुसुया ने यह  अनुरोध किया था। अनुसुया वर्तमान में हैदराबाद में सीमा शुल्क व सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण के मुख्य आयुक्त कार्यालय में संयुक्त आयुक्त के रूप में कार्यरत है। अनुसुया ने अपना नाम बदल कर एम  अनुकाथिर सूर्या रख लिया है और साथ ही लिंग बदलाव करते हुए महिला से पुरुष करने का आग्रह किया था। केन्द्रीय प्रत्यक्ष एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने कहा कि अधिकारी को अब सभी आधिकारिक अभिलेखों में अनुकाथिर सूर्या के रूप में मान्यता मिलेगी। अनुकाथिर इलेक्ट्रानिक व कम्यूनिकेशन में बीटेक है। साइबर लॉ और साइबर फोरेंसिक में पीजी डिप्लोमा भी किया है।      

  • 11 साल नौकरी करने के बाद बदला लिंग -

मदुरै में रहने वाले एम अनुकाथिर सूर्या ने 11 साल की नौकरी के बाद अपना लिंग बदलवाया है। दोबारा नौकरी ज्वाइन करने से पहले उन्होंने अपना नाम और लिंग सरकारी रिकॉर्ड में भी बदलवा लिया।दिसंबर 2013 से मार्च 2018 तक  उनकी नियुक्ति तमिलनाडु के चेन्नई में सहायक आयुक्त के पद पर थी। इसके बाद  अप्रैल 2018 से दिसंबर 2023 तक तमिलनाडु में ही डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनाती रही। जनवरी 2023 में उनकी तैनाती हैदराबाद में संयुक्त आयुक्त के पद पर की गई। वे तभी से इस पद पर हैं। 

  • सुप्रीम कोर्ट का एक दशक पुराना फैसला बना आधार -

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांसजेंडर समुदाय के बारे में नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (नालसा) की याचिका पर करीब एक दशक पहले सुनाए ऐतिहासिक फैसले में ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता दी थी। अपने इस फैसले में शीर्ष कोर्ट ने कहा था यदि व्यक्ति लैंगिक पहचान के तहत यौन परिवर्तन ऑपरेशन कराता है तो उसकी नई लैंगिक पहचान को मान्यता देने में कोई कानूनी या अन्य बाधा नहीं होनी चाहिए।

(5) डोभाल को चीन से संदेश, भारत के साथ काम करने को तैयार

बीजिंग। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पूर्वी लद्दाख में लम्बे समय तक सीमा विवाद के बीच सीमा पर जमीनी स्थिति ठीक से सम्हालने के लिए भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के साथ हाथ मिलाने की इच्छा जताई है। वांग यी ने डोभाल को भारत के एनएसए और भारत -चीन सीमा प्रश्न के लिए विशेष प्रतिनिधि के रूप में उनकी पुनर्नियुक्ति के लिए बधाई दी है।

   बधाई संदेश में वांग यी ने कहा, भारत-चीन ऐसा रिश्ता साझा करते हैं जो द्विपक्षीय सीमाओं से परे है। वांग विदेश मंत्री के साथ भारत -चीन सीमा वार्ता तंत्र में विशेष चीनी प्रतिनिधि भी हैं।उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वह दोनों देशों की सुझाई सहमति को लागू करने, सीमावर्ती क्षेत्रों में जमीनी मुद्दों को ठीक से सम्हालने व साझा सीमा क्षेत्रों में शांति के लिए भारत के साथ काम करने को तैयार हैं।

    वांग का संदेश कजाकस्तान के अस्थाना में एससीओ शिखर सम्मेलन के मौके पर विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उनकी हालिया मुलाकात के बाद आया है। भारत में हाल के आम चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 3.0 सरकार के गठन के बाद यह भारतीय और चीनी अधिकारियों के बीच पहली उच्च स्तरीय बैठक थी।

(6) सीबीआई जांच पर ममता सरकार की आपत्ति सुनवाई योग्य

नई दिल्ली। सीबीआई को केन्द्र सरकार के अधीन बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्रीय एजेंसी की जांच पर सवाल उठाने वाले पं.बंगाल की ममता सरकार के मुकदमे को सुनवाई योग्य बताया है। ममता बनर्जी सरकार ने सामान्य सहमति वापस लेने के बावजूद राज्य में मामलों की जांच को आगे बढ़ाने की सीबीआई कार्रवाई को चुनौती दी है। शीर्ष अदालत ने उनकी आपत्ति को उचित ठहराते हुए मुकदमें की स्वीकार्यता पर केन्द्र के सवाल को खारिज कर दिया। पं बंगाल में 16 नवंबर 2018 को सीबीआई को राज्य में मामलों की जांच करने या छापा मारने की अनुमति देने वाली सामान्य सहमति वापस ली थी। जस्टिस बी.आर.गवई और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (डीएसपीआई) अधिनियम 1946 के विभिन्न प्रावधानों का हवाला दिया । पीठ ने 47 पन्नों के आदेश में कहा विशेष पुलिस बल जिसे डीएसपीई कहा जाता है , के गठन से लेकर इसके जांच किये जाने वाले अपराधों के वर्गों को निर्दिष्ट करने वाली अधिसूचनाएं जारी करना, इसका अधीक्षण और प्रशासन व केन्द्र शासित प्रदेशों से बाहर के क्षेत्रों में डीएसपीई की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र का विस्तार सब केन्द्र के अधीन है।  सिर्फ इनता ही नहीं केवल ऐसे अपराधों की डीएसपीई से जांच की जा सकती है जिन्हें केन्द सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित करती है।शीर्ष अदालत ने 8 मई को संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत दायर मुकदमें की सुनवाई योग्यता पर केन्द्र की आपत्तियों पर सुनवाई पूरी करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था । इस मामले में अब अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी।

   इधर भारत द्वारा पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) पर देपसांग और डेमचोक इलाकों में सेना हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि जब तक सीमाओं की स्थिति सामान्य नहीं  होगी तब तक चीन के साथ उसके संबंधों में सामान्य स्थिति की बहाली नहीं हो सकती।