• 07 Mar, 2026

पंछियों केअजीबो -गरीब घोंसले.. उनकी बेमिसाल कारीगरी

पंछियों केअजीबो -गरीब घोंसले.. उनकी बेमिसाल कारीगरी

देहरादून। पंछियों की कितनी ही प्रजातियां और उनके घोसले बनाने के हुनर का चश्मदीद  होना एक अलग ही तरह का अनुभव है। हमारे  आस-पास कितने ही तरह के पंछियों की सुंदर बड़ी-छोटी प्रजातियां हैं और उन सबकी अपनी जीवनचर्या। कोई पंछी अपना घोसला पेड़ों पर बनाता है तो कोई खाई या फिर दीवारों के किनारों पर । वह कौन सी चिड़िया है जिसे आर्किटेक्ट का खिताब दिया गया है।  आखिर क्यों बी ईटर बर्ड तालाब के पास अपना आशियाना बनाना पसंद करते हैं। चलिये बताते हैं - सबसे पहले आते हैं क्लिफ स्वालो नेस्ट ...सबसे पहले देखिये मिट्टी से बने इन सुंदर कलाकृति की तरह दिखने वाले इन घोसलों को। जिसे ये पंछी पेड़ों पर नहीं बल्कि इसे किसी खाई या दिवारों के किनारों पर बनाते हैं।

   भले ही ये अजीब कलाकृति से दिखने वाले घोसले मिट्टी से बने हों लेकिन मजबूती में ये सीमेंट से बने घरों सरीखे ही मजबूत होते हैं।  ये सीमेंट की मजबूती को टक्कर देते हैं और देखने में भी बहुत यूनिक होते हैं। बता दें कि इन्हें इन घोसलों को बनाने में कुछ ही दिन का वक्त लगता है फिर ये मजे से इनमें पूरे कुनबे के साथ रहते हैं।

दूसरे किस्म के पंछी हैं- सोसियेबल वीवर नेस्ट- अब देखिये इन घोसलों को जो दूसरे किसी नेस्ट से एकदम अलग और खूबसूरत होते हैं।  इनके पेड़ पर कालोनी की शक्ल में बने घोसलों को देखने पर आपको लगेगा ही नहीं कि इन घोसलों को चिड़ियों ने बनाया है। ऐसा लगेगा जैसे किसी पेड़ की शाखों पर घास का कोई बंडल रखा हुआ है। इनके घोसले देखने में ही विशालकाय होते हैं इसकी वजह है कि ये परिवार की तरह रहना पसंद करते हैं और पूरी कॉलोनी इनमें रहती है। ये हम साथ-साथ हैं जैसे कानसेप्ट के साथ रहते हैं और इसीलिए ये इतना विशाल घोसला तैयार करते हैं । एकता इनके जीवन का मूल मंत्र है।

तीसरा है बया वीवर बर्ड- बया वीवर या बुनकर की कलाकारी देखकर तो कोई भी दंग रह जाएगा। क्योंकि ये अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखकर इतनी सुंदरता से घोसले बनाते हैं कि मुग्ध होकर देखते ही रह जाएंगे। बया वीवर हमारे यहां बारिश के दिनों में हरी घास की नर्म मुलायम तिनकों की मदद से बहुत ही मजबूत, सुंदर और सुरक्षित घोसला तैयार करती है। पेड़ों की डाल पर इनके घोसले घंटियों की तरह लटके बहुत ही आकर्षक दिखाई देते हैं। ये पंछी भी झुंड में रहना पसंद करते हैं शायद इसीलिये एक पेड़ पर इनके कई सारे घोसले बने दिखते हैं।

चौथा है- रुफर्स हारनेरो -इस बर्ड को तो भाई आर्किटेक्ट की डिग्री देनी चाहिए ये दो हफ्तों में इतना शानदार घोसला तैयार करती है कि बड़ी-बड़ी बर्ड्स भी नहीं कर सकती । ये पंछी पेड़ की शाखाओं के बीच मिट्टी से अपना घोसला बनाते हैं। इनकी बनाने की शैली बताती है कि ये अपने इस काम में कितने हुनरमंद हैं।  इनका घोसला गोल आकार का होता है ताकि बारिश या धूप से अपने परिवार को बचा सकें। बता दें रुफर्स हारनेरो अर्जेंटीना के नेशनल बर्ड  का खिताब भी अपने नाम कर चुकी है। इसलिए इन्हें अर्जेंटीना में बेहद खास माना जाता है।

पाँचवां है- बी ईटर्स बर्ड्स- अब मिलिए बी ईटर्स से जो अपने शानदार आकर्षक रंग रूप और शानदार घोसले बनाने की कला के लिए दुनियाभर में जानी जाती है। ये बर्ड्स अपना घोसला तालाब के पास बनी दीवार  पर गढ्डा करके बनाती है। ये अपनी पैनी चोंच से दीवार पर दो से तीन मीटर गहरा गढ़्डा कर बनाती है। इसलिये ये पंछी सांपों का शिकार और दूसरे कीड़े -मकोड़ों का निवाला बनने से भी बच जाती है। ये बर्ड अकेले रहना बिल्कुल पसंद नहीं करते बल्कि आपको एक जगह ही ये लोग एक साथ दो से ढाई सौ की तादाद में  रहना पसंद करते हैं इसलिए इनके ठिकानों को कॉनी भी कहा जा सकता है।