• 07 Mar, 2026

साहित्य -कला - Nirantar Pahal

दहलीज..

दहलीज..

साहित्यकार निर्मल वर्मा को पढ़ना ऐसे है मानो आपने उन्हें अपनी उंगली थमा दी है, जिसे पकड़कर वह आपको संवेदनाओं की सुदूर, गहराती दुनिया में लिए चले जा रहे हैं. न तो उंगली छुड़ा पाना आसान, न भाग कर लौट पाना. लेकिन कौन होगा जो निर्मल की लेखनी के दर्द और सुख के खूबसूरत मायाजाल से बाहर निकलना चाहेगा, उंगली झटककर लौटना चाहेगा! आज उनकी बात इसलिए क्योंकि आज 3 अप्रैल को उनका जन्मदिन है।

शरद पूर्णिमा और राठौर चौक का कवि सम्मेलन..

शरद पूर्णिमा और राठौर चौक का कवि सम्मेलन..

★ रविशंकर राठौर और उनके परिवार जनों ने इस अखिल भारतीय कवि सम्मेलन को आयोजित करने का बीड़ा उठाया और लगभग 40 साल तक इसे सफलतापूर्वक आयोजित करते रहे।

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