• 07 Mar, 2026

वायनाड सीट छोड़ेंगे राहुल, प्रियंका लड़ेंगी उप चुनाव

वायनाड सीट छोड़ेंगे राहुल, प्रियंका लड़ेंगी उप चुनाव

● पहली बार चुनाव में उतरेंगी प्रियंका , जीतीं तो पहली बार परिवार के तीनों सदस्य एक साथ सांसद होंगे

नई दिल्ली।  कांग्रेस के नेता राहुल गांधी हाल में हुए आम चुनाव में उत्तरप्रदेश की रायबरेली सीट और केरल के वायनाड सीट से चुनाव लड़े थे और दोनों ही सीटों पर उन्होंने अच्छी जीत दर्ज की थी।  अब उन्हें जब किसी एक सीट को रखना है तो उन्होंने परिवार के पारंपरिक सीट रायबरेली का चयन किया है जिससे वे प्रतिनिधित्व करेंगे। दूसरी ओर कहा जा रहा है कि केरल के वायनाड सीट को छोड़ना तय कियाहै इस स्थिति में उनकी बहन प्रियंका गांधी वायना़ड सीट से उपचुनाव लड़ सकती हैं।

      यदि उपचुना में प्रियंका गांधी वाड्रा जीत कर आती हैं तो पहली बार ऐसा होगा कि परिवार से मां सोनिया गांधी और राहुल गांधी, प्रियंका सभी एक साथ संसद में प्रतिनिधित्व कर रहे होंगे।  इस मुद्दे पर अटकलों को विराम लगाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे यहां अपने आवास पर पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक के बाद राहुल गांधी के वायनाड सीट खाली करने और उनकी खाली की हुई सीट पर उनकी बहन प्रियंका गांधी के उपचुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार होने के फैसले की घोषणा की। बैठक में वरिष्ठ नेताओं के अलावा राहुल गांधी, सोनिया गांधी , पार्टी के महासचिव के सी वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं।

 वर्ष 2019 में सक्रिय राजनीति में आने के बाद से प्रियंका गांधी के कभी अमेठी तो कभी रायबरेली तो यहां तक कि कभी वाराणसी सीट से चुनाव लड़ने की समय समय पर अटकलें लगती रहीं थीं । उल्लेखनीय है कि  वे कांग्रेस पार्टी के लिए उत्तरप्रदेश की प्रभारी भी रह चुकी हैं। वे पार्टी की रणनीतिकार और स्टार प्रचारक के रूप में पिछले चुनावों में उभरी हैं।  कहा जा रहा है कि इससे पार्टी को हाल के हुए चुनावों में कुछ राज्यों में प्रभावशाली बढ़त हासिल  करने में मदद मिली है। वायनाड में राहुल गांधी से हारने वाली भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (भाकपा) की नेता एनी राजा ने रायबरेली सीट बरकरार रखने की उनके फैसले का स्वागत किया है।

  हाल में हुए आम चुनाव में राहुल गांधी ने उत्तरप्रदेश के रायबरेली और केरल के वायनाड सीट दोनों जगहों से अच्छी जीत दर्ज की थी। अब चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद 14 दिनों के बाद नियमतः एक सीट खाली करनी होगी। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राहुल गांधी आम चुनाव में दो सीटों से  जीत कर आए हैं लेकिन नियमानुसार उन्हें एक सीट खाली करनी होगी।  उन्होंने कहा कि राहुल गांधी रायबरेली सीट अपने पास रखेंगे और हमने निर्णय किया है कि प्रियंका जी वायनाड सीट स उपचुनाव में कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार होंगी। राहुल ने कहा कि वायनाड के लोगों ने मुझे बहुत कठिन समय में लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए समर्थन और ऊर्जा दी । मैं इसे कभी नहीं भूलूंगा।

   साथ ही नाम की घोषणा होने के बाद प्रियंका ने भी कहा कि मैं वायनाड के लोगों को राहुल की कमी महसूस नहीं होने दूंगी। जैसा कि उन्होंने कहा कि राहुल मेरे साथ यहां कई बार आएंगे। लेकिन मैं कड़ी मेहनत करूंगी और एक अच्छा प्रतिनिधि बनने की कोशिश की पूरी कोशिश करूंगी।  वहीं राहुल ने भी कहा कि वे वायनाड के लोगों के लिए हमेशा उपलतब्ध रहेंगे। सक्रिय राजनीति में आने के बाद जनवरी 2019 में उन्हें महत्वपूर्ण पूर्वी उत्तरप्रदेश का प्रभारी महासचिव बनाया गया फिर पूरे राज्य का ही प्रभारी महासचिव बनाया गया। हालांकि 2019 के आम चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा लेकिन उन्होंने जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के अपने प्रयास जारी रखे।

  दिसंबर 2023 में प्रियंका को बिना पोर्टफोलियो के ही पार्टी का महासचिव बनाया गया था।  फिर वे कांग्रेस की प्रमुख रणनीतिकार बन गईं और बाद में 2014 में  आम चुनाव में पार्टी के स्टार प्रचारक के रूप में उभर कर सामने आईं।  उन्होंने संगठन को मजबूत करने में भी मदद की और हिमाचल प्रदेश में पार्टी के प्रचार अभियान का नेतृत्व भी किया राज्य में पार्टी को सत्ता में स्थापित करने में मदद की। उनके प्रचार अभियान ने हाल में हुए देश के आम चुनाव में लोकसभा की 99 सीटें जीतनें पार्टी की मदद की। उल्लेखनीय है कि यही आंकड़ा 2019 के आम चुनाव में महज 52 पर  ही सिमट गया था।

     प्रधानमंत्री के सोने और मंगलसूत्र वाले विवादित बयान पर पलटवार करते हुए भावुक प्रियंका ने मतदाताओं को याद दिलाया कि उनकी माँ सोनिया गांधी ने देश के लिए अपना मंगलसूत्र बलिदान कर दिया। हाल ही में हुए आम चुनाव में प्रियंका ने अपने बचपन, पिता राजीव गांधी की हत्या के दर्द और माँ के दुख पर चर्चा करते हुए उन्होंने कांग्रेस के अभियान की कमान सम्भाली साथ ही पारिवारिक संबंधों और राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों  पर चर्चा के बीच कुशलता से संतुलन बनाये रखा और एक कुशल रणनीतिकार, प्रभावी वक्ता और भीड़ को आकर्षित करने वाली नेता साबित हुईं।

   प्रियंका ने 2024 के आम चुनावों में कांग्रेस के पक्ष में 108 जन सभाएं और रोडशो किए। 24 अकबर रोड- ए शॉर्ट हिस्ट्री ऑफ द पीपल बिहाइंड द फॉल एंड राइज ऑफ द कांग्रेस- सहित कई किताबें लिखने वाले रशीद किदवई ने कहा -कांग्रेस लंबे समय से एक प्रभावी प्रचारक की तलाश में थी और 2014 में प्रियंका गांधी ने जिस तरह से मोदी को जवाब दिया वह आश्चर्यजनक तौर पर उनका राजनीति के आकाश में उभरना था।

  • रायबरेली और वायनाड को दो-दो सांसद मिलेंगे-

राहुल ने उन्हें फिर से निर्वाचित करने के लिए वायनाड के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि वह वायनाड का दौरा करना जारी रखेंगे और वहां के लोगों से किये गए सभी वादे पूरे करने की कोशिश करेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि उनके लिए जीत के बाद किसी एक सीट को छोड़ना कठिन फैसला था क्योंकि रायबरेली और वायनाड दोनो ही जगहों से उनका भावनात्मक लगाव रहा है। फैसले के बाद राहुल गांधी ने  कहा कि रायबरेली और वायनाड को दोनों को दो-दो सांसद मिलेंगे। एक मेरी बहन प्रियंका और एक मैं।