अब महाराष्ट्र-झारखंड में चुनावी सरगर्मियां तेज..
■ भाजपा ने दोनों राज्यों में लगाई सौगातों -वादों की झड़ी ■ विपक्षी खेमा भी सक्रिय हुआ ■ इन दोनों राज्यों में चुनाव नवंबर में होने की चर्चा
• फिर तनाव- भीड़ में आतंकी लोगों को खुलेआम भड़का रहे
इम्फाल। इम्फाल घाटी में कर्फ्यू के बीच 28 सितंबर गुरुवार को रात करीब 600 लोगों की भीड़ ने मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के पैतृक आवास पर हमले की कोशिश की। हालांकि सुरक्षा बलों उक्त कोशिश को आंसू गैस के गोले छोड़ कर पहले ही नाकाम कर दिया। कहा गया है कि उस आवास में अभी कोई नहीं रहता। सीएम अभी सरकारी आवास में रहते हैं। इसी रात भीड़ ने एक भाजपा विधायक के घर पर भी हमला किया। हमला इस इरादे से किया गया था कि इसके सफल होने पर उसे मुख्यमंत्री आवास पर हमला माना जाता।
इसी बीच सुरक्षा एजेंसियों ने इम्फाल में आतंकियों की मौजूदगी का दावा किया है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक 28 सितंबर की रात हमले के दौरान काले कपड़े पहने हथियारबंद लोग उत्तेजित युवाओं को पुलिस पर हमले के निर्देश देते भी देखे गए। सुरक्षा एजेंसियां चेतावनी देती रहीं कि यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट पीपुल्स लिबरेशन आर्मी और अन्य समूहों के आतंकी भीड़ की हिस्सा बन गये हैं।
दूसरी तरफ भाजपा के मंडल कार्यालय में लगाये जाने की घटना के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ए. शारदा देवी ने कहा है कि जिस तरह भीड़ दूसरे हिस्सों में भी भाजपा कार्यालय में आग लगा रही है उन्हें आशंका है कि भीड़ उनका भी घर जला देगी।
शारदा देवी ने कहा कि भीड़ ने मेरा घर घेर कर पत्थरबाजी की है। मणिपुर में मैतेयी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले नागरिक समाज संगठन ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ आरएएफ और अन्य सुरक्षा बलों के क्रूर कृत्य की निंदा की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि छात्रों को रबर बुलेट , स्मैक बम और बुलेट का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा कई छात्रों की हालत गंभीर है ।
दूसरी तरफ मणिपुर ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं पर न्यूनतम बल प्रयोग करने की बात दोहराते हुए दावा किया गया कि भीड़ में शामिल अराजक तत्वों ने सुरक्षा बलों पर पत्थरों (मार्बल) और लोहे के नुकीले टुकड़ों का इस्तेमाल किया था। प्रदर्शनकारियों ने हथियार छीने थे। इसके प्रतिरोध में सुरक्षा दस्तों ने कम से कम ताकत का इस्तेमाल किया था।
अभिनेता ने भाजपा छोड़ी, कहा मैं जनता के साथ मणिपुर के अभिनेता राजकुमार सोमेंद्र ने काइकू ने भाजपा का प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया । उन्होंने लिखा है मेरी प्राथमिकता जनता है। पार्टी बाद में है। इस कठिन समय में मैंने तय किया है कि मैं जनता के साथ खड़ा रहूंगा। | एसएसपी की मणिपुर कैडर में वापसी श्रीनगर एसएसपी राकेश बलवाल को मणिपुर कैडर में वापस भेजा गया है। वे आतंकवाद संबंधी मामले सम्हलने के विशेषज्ञ हैं। |
■ भाजपा ने दोनों राज्यों में लगाई सौगातों -वादों की झड़ी ■ विपक्षी खेमा भी सक्रिय हुआ ■ इन दोनों राज्यों में चुनाव नवंबर में होने की चर्चा
हम एक धर्म निरपेक्ष देश हैं । हमारे निर्देश सभी के लिए होंगे। चाहे वे किसी धर्म या व्यवसाय के हों। अगर सड़क के बीच में कोई धार्मिक संरचना है फिर वह गुरूद्वारा हो, दरगाह या फिर मंदिर, तो उसे हटाना ही पड़ेगा। यह जनता के आवागमन में बाधा नहीं डाल सकती। साथ ही अवैध निर्माण तोड़ने से पहले पर्याप्त समय देना चाहिए। महिलाओं और बच्चों को सड़क पर देखना अच्छा नहीं । - जस्टिस बी.आर. गवई
हम एक धर्म निरपेक्ष देश हैं । हमारे निर्देश सभी के लिए होंगे। चाहे वे किसी धर्म या व्यवसाय के हों। अगर सड़क के बीच में कोई धार्मिक संरचना है फिर वह गुरूद्वारा हो, दरगाह या फिर मंदिर, तो उसे हटाना ही पड़ेगा। यह जनता के आवागमन में बाधा नहीं डाल सकती। साथ ही अवैध निर्माण तोड़ने से पहले पर्याप्त समय देना चाहिए। महिलाओं और बच्चों को सड़क पर देखना अच्छा नहीं । - जस्टिस बी.आर. गवई
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